hindi Shayari
New Hindi 50 Plus Love And Romatic Shayari 2018
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आप को पा कर अब खोना नहीं चाहते,
इतना खुश हो के अब होना नहीं चाहते,
ये आलम है हमारा आप की जुदाई में,
आँखो में निंद है और सोना नहीं चाहते.
इतना खुश हो के अब होना नहीं चाहते,
ये आलम है हमारा आप की जुदाई में,
आँखो में निंद है और सोना नहीं चाहते.
ज़ुल्फें सिर्फ दांयी तरफ मत रखा करो.. जान..
.बांया झुमका खुद को महफूज़ नहीं समझता...
.बांया झुमका खुद को महफूज़ नहीं समझता...
तुम सामने आये.. तो अजब तमाशा हुआ..
.हर शिकायत ने जैसे.. खुदकुशी कर ली...
.हर शिकायत ने जैसे.. खुदकुशी कर ली...
छेड़ने लगीं सहेलियां उसकी.. उसको मुझसे मिलने के बाद..
.कि रंग क्यों बदला है तेरे होठों का.. उसको मिलने के बाद...
उफ़्फ़ वो नरम लबों का मेरे लबों को चूम कर कहना..
.हो गयी सुबह, कोई देख ना ले.. अब तो चले जाओ...
.हो गयी सुबह, कोई देख ना ले.. अब तो चले जाओ...
hindi shayari in english
पीने से कर चुका था मैं तौबा.. ऐ सनम...
पर तेरे होठों का रंग देख के नीयत बदल गई...
पर तेरे होठों का रंग देख के नीयत बदल गई...
एक ही ख्वाब देखा है कई बार मैंने...
तेरी साड़ी में उलझी हों, चाबियां मेरे घर की...
तेरी साड़ी में उलझी हों, चाबियां मेरे घर की...
क़मीज़ की जेब में जबसे, तस्वीर तेरी रखने लगे हैं...
करीब से गुज़रता हर शख्स पूछता है.. "कौन सा इत्र है जनाब..."
करीब से गुज़रता हर शख्स पूछता है.. "कौन सा इत्र है जनाब..."
लगाकर फूल होठों से.. कहा उसने ये चुपके से...
अगर कोई पास ना होता.. तो फूल की जगह तुम होते...
अगर कोई पास ना होता.. तो फूल की जगह तुम होते...
इस बात पे बिगड़े बैठे हैं.. साहिब-ए-हुस्न...
हमने एक फूल को क्यों चूमा.. उनकी नज़रों के सामने...
हमने एक फूल को क्यों चूमा.. उनकी नज़रों के सामने...
मैं उस का हाथ ही थामे रहा.. तो उस ने कहा...
"मेरे बदन में कमर, लब और कलाईयां भी हैं..."
"मेरे बदन में कमर, लब और कलाईयां भी हैं..."
hindi shayri on life
लब ओ रुख़सार छुपा रक्खे हैं तुमने हिजाब में.. ऐ जान...
पर आँखे बता रही हैं.. तू बन्दी बड़ी हसीन है...
पर आँखे बता रही हैं.. तू बन्दी बड़ी हसीन है...
है कयामत भी एक चीज़ लेकिन...
ये तेरी 'अंगड़ाई' सबसे जीत जाएगी...
ये तेरी 'अंगड़ाई' सबसे जीत जाएगी...
हवाएं सर्द चल रही हैं.. कोई तूफान आने को है...
हुस्न बैठा है पास मेरे.. हमें इश्क़ होने को है...
हुस्न बैठा है पास मेरे.. हमें इश्क़ होने को है...
खामोश लब.. झुकी पलकें.. और वो मुस्कान उसकी..
.उफ्फ..! ये मेरा सब्र अब टूटा.. अब टूटा...
.उफ्फ..! ये मेरा सब्र अब टूटा.. अब टूटा...
जब पूछती है वो.. "मीठे में क्या लेंगे आप?"...
कम्बख्त ये निगाहें उसके लबों पर जा ठहरती हैं...
कम्बख्त ये निगाहें उसके लबों पर जा ठहरती हैं...
अच्छा नहीं लगता.. ये मनहूस अलार्म को सुनकर उठना..
काश कोई जुल्फों से पानी झटक कर हमें भी जगाती...
काश कोई जुल्फों से पानी झटक कर हमें भी जगाती...
खूबसूरत चाँद है या सितारे.. छिड़ी थी बहस महफ़िल में...
महबूब ने घूँघट हटा के.. मसला हल कर दिया...
महबूब ने घूँघट हटा के.. मसला हल कर दिया...
जब वो पगली नींद में धीरे धीरे फोन पर बात करती है ना...
क्या कहूँ.. उस से ख़ूबसूरत आवाज़ आज तक नहीं सुनी मैंने...
क्या कहूँ.. उस से ख़ूबसूरत आवाज़ आज तक नहीं सुनी मैंने...
माना के सब कुछ पा लूँगा मैं.. अपनी ज़िन्दगी में..
मगर.. वो तेरे मेहँदी लगे हाथ.. मेरे ना हो सकेंगे...
मगर.. वो तेरे मेहँदी लगे हाथ.. मेरे ना हो सकेंगे...
एक तुम्हारे होने से कितनी ख़्वाहिशें सजा लीं है मैंने...
कि मेरी दस्तक पे.. घर का दरवाजा तुम खोलो...
कि मेरी दस्तक पे.. घर का दरवाजा तुम खोलो...
था नीयत का तो मजबूत बहुत मैं.. यारों...
पर मेरा बस ना चला.. उनकी कमर के आगे...
पर मेरा बस ना चला.. उनकी कमर के आगे...
तेरी साड़ी का पिन होना चाहता हूँ.. ऐ सनम...
लिबास पर टंकने से पहले होंठों में दबना चाहता हूँ...
लिबास पर टंकने से पहले होंठों में दबना चाहता हूँ...
इश्क़ की किताब का उसूल है जनाब...
मुड़ कर देखोगे.. तो मोहब्बत मानी जाएगी...
मुड़ कर देखोगे.. तो मोहब्बत मानी जाएगी...
उनके होंठो के प्याले से.. हुस्न का ज़ाम पीकर आये हैं...
अब जलवा ए नज़ाकत क्या कहिए.. जन्नत ए बादशाहत क्या कहिए...
अब जलवा ए नज़ाकत क्या कहिए.. जन्नत ए बादशाहत क्या कहिए...
हर बात तेरी मानूं ,
ना-मुम्किन है ll
ज़िद छोड़ दे ऐ दिल,
तू अब बच्चा नही रहा lll
ना-मुम्किन है ll
ज़िद छोड़ दे ऐ दिल,
तू अब बच्चा नही रहा lll
जिस दिन मैं तुमको हूबहू लिख दूंगा..
सौंदर्य मेनका का भी खतरे में आ जाएगा...
सौंदर्य मेनका का भी खतरे में आ जाएगा...
*हर रोज बहक जाते हैं*
*मेरे कदम.तेरे पास आने के लिये*
*ना जाने कितने फासले तय करने अभी बाकी है*
*तुमको पाने के लिये..!*
*मेरे कदम.तेरे पास आने के लिये*
*ना जाने कितने फासले तय करने अभी बाकी है*
*तुमको पाने के लिये..!*
ख़ाक़ तस्वीर किसी से बनेगी तेरी..
दूसरा तुमसा ख़ुदा से भी बनाया न गया...
दूसरा तुमसा ख़ुदा से भी बनाया न गया...
वो रोज़ मुजरिम ठहराती है मुझे अपने दिल की चोरी का..
और उनसे सजा माँगो तो मुस्कुरा कर बाहों में समेट लेती है...
और उनसे सजा माँगो तो मुस्कुरा कर बाहों में समेट लेती है...
हूजूम उमड़ता नहीं यूँ ही तेरे दर पर हर रोज़.. सनम..
लोग जानते हैं, यहाँ एक "सरफिरे शायर" की "ग़ज़ल" रहती है...
लोग जानते हैं, यहाँ एक "सरफिरे शायर" की "ग़ज़ल" रहती है...
ये आँखें हैं जो उनकी.. किसी ग़ज़ल की तरह खूबसूरत हैं...
कोई पढ़ ले इन्हें अगर इक दफ़ा तो शायर हो जाए…
कोई पढ़ ले इन्हें अगर इक दफ़ा तो शायर हो जाए…
उलझ गया था तुम्हारे दुपट्टे का कोना.. मेरी घड़ी से..
वक्त तब से जो रुका है तो अब तक रुका ही पड़ा है...
वक्त तब से जो रुका है तो अब तक रुका ही पड़ा है...
कुछ ठहरे हुए जज़्बातों को बेताब किया उसने..
आज मेहंदी वाले हाथों से आदाब किया उसने...
आज मेहंदी वाले हाथों से आदाब किया उसने...
वो एक महंगे खिलौने सी थी.. यारों...
मैं एक गरीब सा बच्चा.. बस देखता ही रह गया...
मैं एक गरीब सा बच्चा.. बस देखता ही रह गया...
कैद खाने हैं.. बिन सलाखों के..
कुछ यूँ चर्चे हैं तेरी आँखो के...
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| new love shayari 2018 |
बदलता ही गया सब कुछ मेरी जिन्दगी में...
फिर,,,,,,
चाहे वो मेरा वक्त था...तुम थी.. या फिर ये साल...!!
ईश्क के स्टेशन से एक ट्रेन गुजरती है हर रोज..
.एक सीट रोक रखी है.. तुम ज़रूर आना...
.एक सीट रोक रखी है.. तुम ज़रूर आना...
मैं आजकल उनकी आँखों में नहीं देखता...
सुना है.. नवरात्रों में नशा वर्जित होता है...
सुना है.. अमृत बरसता है शरद पूर्णिमा की रात...
मुझे तुझ संग भीगकर अपना प्रेम अमर करना है...
मुझे तुझ संग भीगकर अपना प्रेम अमर करना है...
तेरी सूरत को जब से देखा है...
मेरी आँखों पे लोग मरते हैं...
मेरी आँखों पे लोग मरते हैं...
मत दिखाओ हमें तुम.. ये मुहब्बत का बही खाता...
हिसाब-ए-इश्क़ रखना.. हम दीवानों को नहीं आता...
हिसाब-ए-इश्क़ रखना.. हम दीवानों को नहीं आता...
आजकल जैसे संवरती है वो, मुझको डर है..
आईना उससे किसी रोज़ लिपट जाएगा...
आईना उससे किसी रोज़ लिपट जाएगा...
hindi shayari collection
कैद कर लो अपनी बाहों में उम्र भर के लिए...
कि अपना गुनाह ऐ मोहब्बत कबूल है मुझे...
कि अपना गुनाह ऐ मोहब्बत कबूल है मुझे...
आज फिर टूटेंगी तेरे घर की नाज़ुक खिड़कियाँ..
आज फिर देखा गया है दीवाना तेरे शहर में...
मरीज -ए -मोहब्बत हूं
इक तेरा दीदार काफी है
❤
❤
हर एक दवा से बेहतर
निगाहे-ए-यार काफी है
इक तेरा दीदार काफी है
हर एक दवा से बेहतर
निगाहे-ए-यार काफी है
romantic hindi shayari
*दो बाते हो सकती है"
*सनम तेरे इनकार की,*
*सनम तेरे इनकार की,*
*या दुनिया से तू डरता है,*
*या कदर नही मेरे प्यार की..*
*या कदर नही मेरे प्यार की..*
प्यार में मीठा दर्द मिला वो बहुत था
सपनो को नयी दिशा मिली वो बहुत है,
आपसे प्यार पूरा हुआ या अधूरा बात ये नहीं,
घमंड में प्यार करने का मौका गंवाया वो ही बहुत है
सपनो को नयी दिशा मिली वो बहुत है,
आपसे प्यार पूरा हुआ या अधूरा बात ये नहीं,
घमंड में प्यार करने का मौका गंवाया वो ही बहुत है
hindi shayri love


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